आषाढ़ का एक दिन (नाटक) : मोहन राकेश| Ashadh Ka Ek Din (Hindi Play) : Mohan Rakesh
पात्र परिचय अंबिका : ग्राम की एक वृद्धा मल्लिका : वृद्धा की पुत्री कालिदास : कवि दंतुल : राजपुरुष मातुल…
सिर्फ़ सच्ची ख़बर
पात्र परिचय अंबिका : ग्राम की एक वृद्धा मल्लिका : वृद्धा की पुत्री कालिदास : कवि दंतुल : राजपुरुष मातुल…
…और उस एक क्षण के लिए प्रकाश के हृदय की धडक़न जैसे रुकी रही। कितना विचित्र था वह क्षण—आकाश से…
कानपुर सामने आँगन में फैली धूप सिमटकर दीवारों पर चढ़ गई और कंधे पर बस्ता लटकाए नन्हे-नन्हे बच्चों के झुंड-के-झुंड…
आज मिस्टर शामनाथ के घर चीफ की दावत थी। शामनाथ और उनकी धर्मपत्नी को पसीना पोंछने की फुर्सत न थी।…
मानसून की बिदाई के साथ ही ठंड के तेवर बदलते जा रहे है। कहीं ठंड तो कहीं वर्षा का दौरदारा…
केंद्र सरकार ने संविधान में संशोधन कर सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण…
देश के पहले मतदाता श्याम सरन नेगी ने शनिवार को सुबह अपने घर पर अंतिम सांस ली l वह काफी…
पूर्वांचल (Purvanchal) के माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे और सुभासपा के विधायक अब्बास अंसारी (Abbas Ansari) को ईडी (ED) ने…
सड़क के मोड़ पर लगी रेलिंग के सहारे चंदर खड़ा था। सामने, दाएँ-बाएँ आदमियों का सैलाब था। शाम हो रही…
मुहल्ले में जिस दिन उसका आगमन हुआ, सवेरे तरकारी लाने के लिए बाज़ार जाते समय मैंने उसको देखा था। शिवनाथ…